Tuesday, 28 February 2017

Teri gali ke log

मोम का जिस्म लेकर कैसे आऊं मैं तेरे पास,
की आग होंठो से उगलते है तेरी गली के लोग,,

मैं तो एक पत्ता हूँ मेरी औकात ही क्या है,
फूल पैरों से मसलते है तेरी गली के लोग।।

Friday, 24 February 2017

By Raj

✍WRITTEN BY RAJ.
अपनी किताब के पहले पन्ने पर मैंने प्यार लिखा है,,
और प्यार का मतलब मैंने ऐतबार लिखा है,,
न चाहो तो भी प्यार में दर्द ही मिलता है,,
इसलिए प्यार का नया नाम मैंने लाचार लिखा है।।
   . RAJ LUV.

Thursday, 23 February 2017

Haqiqat

बरसों सजाते रहे हम किरदार को मगर
कुछ लोग बाज़ी ले गए, सूरत सँवार कर !!

Tapasya

तपस्या।।
 स्वयं से लड़ो , बाहरी दुश्मन से क्या लड़ना ? 
वह जो स्वयम पर विजय कर लेगा उसे आनंद की प्राप्ति होगी, यही तपस्या है।।
                  RajLuv Prashant...

Wednesday, 22 February 2017

khyaal by rajluv

Written 8 year Ago

बिन तेरे जीने में आज मलाल आया,
जाने क्यों आज इतना तेरा ख्याल आया,,

सूख गया था मेरी आँखों का पानी अर्सो पहले,
आज क्यों फिर उस पानी में उछाल आया।।
                            RajLuv Prashant.